गाड़ी लोन EMI कैलकुलेटर

बाइक से ट्रक तक, किसी भी गाड़ी की किस्त, कुल ब्याज और पूरा भुगतान शेड्यूल तुरंत देखें। डीलर ने फ्लैट रेट बताया हो, तो असली ब्याज भी यहीं जाँचें।

कौन-सी गाड़ी ले रहे हैं?

काम की सरकारी जानकारी: सरकारी योजनाएँ

₹30 हज़ार₹1 लाख₹5 लाख
0%15% डाउन पेमेंट90%
1%30%

6 महीने3 साल60 महीने
और विकल्प प्रोसेसिंग फीस, तिमाही या छमाही किस्त, आपकी आय

आय सिर्फ़ यह दिखाने के लिए है कि किस्त आपकी जेब पर कितनी भारी पड़ेगी। यह कहीं सेव या भेजी नहीं जाती।

किस्त या ब्याज कैसे कम करें

    भुगतान शेड्यूल (साल के हिसाब से)

    किसी साल पर टैप करके उस साल की हर किस्त देखें।

    ट्रैक्टर, EV या ई-रिक्शा ले रहे हैं? ट्रैक्टर सब्सिडी, AIF, मुद्रा लोन, EV पर छूट और राज्यवार योजनाएँ: कौन-से कागज़ लगते हैं और आवेदन किस सरकारी वेबसाइट पर करें। सरकारी योजनाएँ देखें

    गाड़ी लोन की EMI कैसे निकलती है

    EMI यानी हर महीने की बराबर किस्त। इसमें दो हिस्से होते हैं: मूलधन (जो रकम आपने उधार ली) और उस पर ब्याज। शुरू की किस्तों में ब्याज का हिस्सा ज़्यादा होता है, फिर हर महीने मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है। ऊपर के भुगतान शेड्यूल में यह साफ़ दिखता है।

    EMI = P × r × (1 + r)n ÷ [(1 + r)n − 1]

    • P = लोन राशि (गाड़ी की कीमत में से डाउन पेमेंट घटाकर)
    • r = मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100)
    • n = कुल किस्तें (महीनों में)

    उदाहरण: ₹1,15,000 की बाइक पर ₹15,000 डाउन पेमेंट दिया, तो लोन ₹1,00,000 हुआ। 12% सालाना ब्याज पर r = 0.01 और 3 साल के लिए n = 36। तब EMI करीब ₹3,321 बनती है। 36 किस्तों में आप कुल ₹1,19,572 भरेंगे, यानी ₹19,572 ब्याज।

    फ्लैट रेट बनाम रिड्यूसिंग रेट

    बैंक आम तौर पर रिड्यूसिंग रेट पर लोन देते हैं: हर किस्त के बाद जितना लोन बचा है, ब्याज सिर्फ़ उसी पर लगता है। कई डीलर और फाइनेंस कंपनियाँ फ्लैट रेट बताती हैं, जिसमें पूरे लोन पर पूरे समय ब्याज लगता है। सुनने में फ्लैट रेट कम लगता है, पर असल में महँगा पड़ता है।

    ₹1,00,000 के लोन पर 3 साल के लिए: 10% फ्लैट रेट पर ब्याज ₹30,000 और किस्त ₹3,611 बनती है। वहीं 10% रिड्यूसिंग रेट पर ब्याज ₹16,162 और किस्त ₹3,227। यानी 10% फ्लैट असल में करीब 17.9% रिड्यूसिंग के बराबर है।

    3 साल के लोन पर फ्लैट दर और असली रिड्यूसिंग दर
    बताई गई फ्लैट दर (3 साल)असली रिड्यूसिंग दर
    6%11.1%
    7%12.8%
    8%14.5%
    9%16.2%
    10%17.9%
    12%21.2%

    अपने लोन की असली दर जानने के लिए ऊपर फ्लैट रेट जाँच टूल इस्तेमाल करें।

    गाड़ी के हिसाब से आम ब्याज दरें (अक्टूबर 2026)

    नीचे दी गई दरें बाज़ार में आम तौर पर दिखने वाली रेंज हैं, किसी बैंक का ऑफ़र नहीं। आपकी असली दर क्रेडिट स्कोर, आय, गाड़ी और लोन की अवधि से तय होगी।

    गाड़ीबैंकNBFC / डीलर फाइनेंसआम अवधि
    नई कार7.5–10%9–15%1–7 साल
    बाइक / स्कूटर8–14%11–24%1–5 साल
    इलेक्ट्रिक (EV)पेट्रोल गाड़ी जितनी या थोड़ी कमपेट्रोल गाड़ी जितनी1–7 साल
    पुरानी कार9–14%13–20%1–5 साल
    पुरानी बाइककम बैंक देते हैं14–24%1–4 साल
    ट्रक / पिकअप8.5–12%10.5–18%1–7 साल
    ऑटो / ई-रिक्शासीमित14–26%1–5 साल
    ट्रैक्टर8–12%12–22%1–7 साल

    ये दरें बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की सार्वजनिक जानकारी से बनी अनुमानित रेंज हैं। लोन लेने से पहले अपने बैंक से लिखित ऑफ़र लें।

    किस्त और ब्याज कम करने के तरीके

    • ज़्यादा डाउन पेमेंट दें। लोन जितना छोटा, ब्याज उतना कम।
    • क्रेडिट (CIBIL) स्कोर 750 से ऊपर रखें। बिल और किस्तें समय पर भरें; अच्छे स्कोर पर बैंक कम दर देते हैं।
    • 2–3 बैंक या फाइनेंस कंपनी से ऑफ़र लें और ऊपर के लोन तुलना टूल में मिलाएँ।
    • हमेशा रिड्यूसिंग रेट पूछें। फ्लैट रेट बताया जाए तो फ्लैट रेट जाँच टूल से असली दर देखें।
    • पूरा खर्च देखें, सिर्फ़ किस्त नहीं। प्रोसेसिंग फीस, बीमा और दूसरे चार्ज भी जोड़ें।
    • त्योहारों की स्कीम देखें (कम ब्याज या फीस माफ़), पर शर्तें पढ़कर।
    • अवधि सोच-समझकर चुनें। लंबी अवधि में किस्त कम होती है, पर कुल ब्याज ज़्यादा।
    • सरकारी योजनाओं का फ़ायदा लें। ट्रैक्टर सब्सिडी, EV छूट और स्क्रैप पॉलिसी की जानकारी सरकारी योजनाएँ पेज पर है।

    गाड़ी लोन के लिए ज़रूरी कागज़

    हर बैंक की सूची थोड़ी अलग हो सकती है, पर आम तौर पर ये कागज़ माँगे जाते हैं:

    • सभी के लिए: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पते का प्रमाण, फोटो, पिछले 3–6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
    • नौकरी करने वाले: पिछले 2–3 महीने की सैलरी स्लिप, फॉर्म 16
    • अपना काम-धंधा: पिछले 2 साल का ITR, दुकान या बिज़नेस का प्रमाण (जैसे GST या दुकान रजिस्ट्रेशन)
    • ट्रैक्टर लोन: ज़मीन के कागज़ (खसरा-खतौनी या B-1), खेती का प्रमाण
    • ट्रक, पिकअप, ऑटो: ड्राइविंग लाइसेंस, और जहाँ लागू हो वहाँ परमिट या ट्रांसपोर्ट काम का प्रमाण
    • पुरानी गाड़ी: गाड़ी की RC, बीमा और वैल्यूएशन रिपोर्ट

    ये कागज़ कहाँ से बनवाएँ, इसके सरकारी लिंक यहाँ हैं।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    EMI क्या होती है?

    EMI (Equated Monthly Instalment) वह तय रकम है जो आप लोन चुकाने के लिए हर महीने बैंक या फाइनेंस कंपनी को देते हैं। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं।

    बाइक या कार लोन की EMI कैसे निकालें?

    ऊपर कैलकुलेटर में गाड़ी चुनें, कीमत, डाउन पेमेंट, ब्याज दर और अवधि डालें। किस्त, कुल ब्याज और पूरा शेड्यूल तुरंत दिख जाएगा। यह बैंकों वाले रिड्यूसिंग बैलेंस फॉर्मूले से हिसाब लगाता है।

    फ्लैट रेट और रिड्यूसिंग रेट में क्या फर्क है?

    रिड्यूसिंग रेट में ब्याज सिर्फ़ बचे हुए लोन पर लगता है, जबकि फ्लैट रेट में पूरे लोन पर पूरे समय। इसलिए 3 साल के लोन पर 10% फ्लैट रेट असल में करीब 17.9% रिड्यूसिंग के बराबर होता है।

    कितना डाउन पेमेंट देना सही है?

    आम तौर पर बैंक नई गाड़ी की कीमत का 80–90% (कुछ मामलों में 100%) और पुरानी गाड़ी का 80–85% तक लोन देते हैं। कोशिश करें कि कम से कम 15–20% डाउन पेमेंट दें, इससे किस्त और ब्याज दोनों घटते हैं।

    क्या CIBIL स्कोर से ब्याज दर बदलती है?

    हाँ। 750 या उससे ज़्यादा स्कोर पर बैंक आम तौर पर कम दर और जल्दी मंज़ूरी देते हैं। कम स्कोर पर लोन महँगा मिल सकता है या मना भी हो सकता है।

    क्या लोन समय से पहले चुका सकते हैं?

    ज़्यादातर बैंक कुछ किस्तें भरने के बाद पूरा लोन बंद करने (फोरक्लोज़र) या कुछ रकम पहले जमा करने (पार्ट-पेमेंट) की सुविधा देते हैं। फिक्स्ड रेट वाले गाड़ी लोन पर इसका चार्ज लग सकता है, इसलिए लोन लेते समय यह शर्त ज़रूर पढ़ें।

    ट्रैक्टर लोन में छमाही किस्त क्यों होती है?

    किसान की आमदनी फसल के समय आती है, इसलिए कई बैंक ट्रैक्टर लोन की किस्त हर 6 या 3 महीने पर रखते हैं। ऊपर "और विकल्प" में छमाही या तिमाही किस्त चुनकर उसका हिसाब देख सकते हैं।

    पुरानी गाड़ी पर लोन मिलता है?

    हाँ, पर नई गाड़ी के मुकाबले ब्याज दर ज़्यादा और अवधि कम होती है (आम तौर पर 5 साल तक)। गाड़ी जितनी पुरानी, लोन उतना कम मिलता है।

    क्या यह कैलकुलेटर बिल्कुल सही EMI बताता है?

    यह वही फॉर्मूला इस्तेमाल करता है जो बैंक करते हैं। फिर भी असली EMI में थोड़ा फर्क हो सकता है, क्योंकि बैंक रकम राउंड करते हैं, पहली किस्त की तारीख अलग हो सकती है, और बीमा या दूसरे चार्ज लोन में जुड़ सकते हैं।

    क्या यह वेबसाइट लोन देती है?

    नहीं। यह सिर्फ़ हिसाब लगाने का मुफ़्त टूल है। हम आपका नाम, नंबर या कोई निजी जानकारी नहीं माँगते। आपकी डाली गई रकम आपके फ़ोन या कंप्यूटर में ही रहती है।